Vol 5, No 2 (2019)

Vol-5-Issue-02-February-2019

ज्ञान के विस्तार के साथ है कि मानव जीवन और ज्ञान विभिन्न विषयों की सीमा में सीमित नहीं है। इसका संबंध ज्ञान की विविध धाराओं और शाखाओं के रूप में व्याप्त है। सामाजिक विज्ञान के शोध क्षेत्र एवं विज्ञान के विविध शोध भी स्वभावतः एवं प्रवृत्तिगत रूप से अंतर अनुशासनात्मक हैं। मानव जीवन की व्यापकता और जटिलता को समझने के लिए शिक्षा और शोध क्षेत्र में अंतर-अनुशासनात्मक द्ष्टिकोण का विकास किया जाना अनिवार्य है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए एडीआर प्रकाशन ने हिन्दी में अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका अनुसंधान के प्रकाशन का निश्चय किया है। यह पत्रिका ओपन एक्सेस और सहकर्मी समीक्षा (Open Access & Peer Review) पर आधारित है। इसका उद्देश्य अंतर अनुशासनात्मक शोध को प्रोत्साहित करना तथा इस क्षेत्र में नवाचार व नवीन शोधों को मंच प्रदान करना है। इसमें सामाजिक अध्ययन, भाषा, विज्ञान एवं तकनीकि एवं अन्य विविध क्षेत्रों के हिन्दी भाषा के शोध पत्रों को प्रकाशित किया जा सकेगा।  किसी विषय अथवा ज्ञान क्षेत्र की प्रगति के लिए आवश्यक है कि अंतर अनुशासनात्मक शोध प्रवृत्ति में निरंतर वृद्धि हो। साथ ही ऐसे शोध अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होने चाहिए। इसी को दृष्टिगत रखते हुए अनुससंधान और नवाचार को प्रोत्साहन मिले। इसी कारण यह प्रकाशन किया जा रहा है।  इस पत्रिका में निम्नांकित क्षेत्रों के अंतर अनुशासनात्मक एवं विविध विषयों केे शोध पत्र को प्रकाशन के लिए स्वीकार किया जा सकता है। 

 

ऽसमाज शास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान आदिऽभाषा, भाषा विज्ञान, तकनीकि लेखनऽभूगोल, भूगर्भ शास्त्र, रिमोट सेंसिंग, पर्यावरण, परिस्थितिकीयऽविज्ञान एवं तकनीकिऽकम्प्यूटर विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग,ऽभौतिक विज्ञान, रसायन, गणित, मानविकीय, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञानऽइतिहास, धर्म, दर्शनऽविधि, मानव अधिकार, अंतर्राष्ट्रीय विधि, श्रम विधिऽप्रबंधन, संगठन ऽचिकित्सा, आयुर्वेदज्ञान, मेडीकल, प्राकृतिक चिकित्सा, योग, वैकल्पिक चिकित्सा। Send papers to editor@sahityasamhita.org or editor@edupediapublications.org

Table of Contents

Articles

नीरा कुमारी
1-4
शुभाना श्री
5-7
निखिल रॉय
8-10
संदीप कुमार
11-13