सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ संबंधी सामाजिक à¤à¤µà¤‚ सांसà¥à¤•ृतिक संदरà¥à¤­à¤°à¥‚ à¤à¤• विमरà¥à¤¶

डॉ. केशरी नन्दन मिश्रा

Abstract


सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ तक पहà¥à¤‚च बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ ढांचे से जà¥à¥œà¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं है बलà¥à¤•ि इसमें अधिक गहरा वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° संबंधी à¤à¤µà¤‚ सामाजिक-सांसà¥à¤•ृतिक संदरà¥à¤­ काम करता है। 60 करोड़ लोगों के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में परिवरà¥à¤¤à¤¨ लाना à¤à¤¸à¥€ चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ है, जिसका बीड़ा संभवतः दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में कभी किसी ने नहीं उठाया है। इसे सघन, समयबदà¥à¤§ हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª से ही हासिल किया जा सकता है, जिसे सरà¥à¤µà¤¾à¤šà¥à¤š-सà¥à¤¤à¤° से चलाया जाठऔर जिसमें समाज के सभी वरà¥à¤— और सरकार शामिल हों।
कहते हैं, जिसका समय आ गया है उसे कोई रोक नहीं सकता! रकà¥à¤¤à¤°à¤‚जित विशà¥à¤µà¤¯à¥à¤¦à¥à¤§ के बाद जब हिंसा का बोलबाला था, उस समय भारत ने अहिंसक सविनय अवजà¥à¤žà¤¾ के जरिà¤, सतà¥à¤¯à¤¾à¤—à¥à¤°à¤¹ के जरिठआज़ादी हासिल की। पूरा देश महातà¥à¤®à¤¾ गांधी की आवाज़ के पीछे चल पड़ा और भारत ने दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सामने उदाहरण सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करते हà¥à¤ आज़ादी हासिल की। वह à¤à¤• विचार था, जिसका समय आ चà¥à¤•ा था। इसी तरह जब देश सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खà¥à¤²à¥‡ में शौच करने वाले देशों की कà¥à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤¤ सूची में बहà¥à¤¤ ऊपर है, उस समय 02 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर, 2019 तक सभी जगह सफाई के साथ सà¥à¤µà¤šà¥à¤› भारत की पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ की अपील à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ विचार है, जिसका समय आ चà¥à¤•ा है।


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