हिनà¥à¤¦à¥€ साहितà¥à¤¯ में नाटक विदà¥à¤¯à¤¾ का उदà¥à¤­à¤µ à¤à¤µà¤‚ विकास

संजय कुमार

Abstract


वसà¥à¤¤à¥à¤¤à¤ƒ नाटक à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ विदà¥à¤¯à¤¾ है जो जीवन के हर कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤—ोचर होती है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ सनà¥à¤¦à¤°à¥à¤­ में यदि नाटक की पà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤‚गिकता पर दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤ªà¤¾à¤¤ किया जाये तो यह बात सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ हो जाती है कि आज सामाजिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को जनता के बीच ले जाने तथा जनजागरूकता लाने में नà¥à¤•à¥à¤•ड़ नाटकों का खà¥à¤²à¤•र पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— हो रहा है। चूंकि नाटक समाज के लिठनये भाव व अरà¥à¤¥ का बोध करवाते हैं, इसलिठइनका महतà¥à¤µ सरà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¤¿à¤¤ है। अधिंकांश साहितà¥à¤¯à¤•ार इस बात से सहमत हैं कि हिनà¥à¤¦à¥€ साहितà¥à¤¯ में भारतेनà¥à¤¦à¥ यà¥à¤— को नाटक विदà¥à¤¯à¤¾ का सà¥à¤µà¤°à¥à¤£à¤¯à¥à¤— माना जाता है। पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ शोध पतà¥à¤° में हिनà¥à¤¦à¥€ साहितà¥à¤¯ में भारतेनà¥à¤¦à¥ यà¥à¤— से लेकर सà¥à¤µà¤¾à¤§à¥€à¤¨à¤¤à¤¾ तक नाटक विदà¥à¤¯à¤¾ के उदà¥à¤­à¤µ à¤à¤µà¤‚ विकास पर पà¥à¤°à¤•ाश डाला गया है।


Full Text:

PDF




Copyright (c) 2018 Edupedia Publications Pvt Ltd

Creative Commons License
This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-ShareAlike 4.0 International License.

 

All published Articles are Open Access at  https://journals.pen2print.org/index.php/ijr/ 


Paper submission: ijr@pen2print.org