जहाà¤à¤—ीर के काल के विदेशी यातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का इतिहास में योगदान – à¤à¤• अधà¥à¤¯

अमित कुमार सिंह, कीर्ति रावत

Abstract


भारत पर पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ समय से ही विदेशी आकà¥à¤°à¤®à¤£ होते रहे हैं। इन विदेशी आकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ के कारण भारत की राजनीति और यहाठके इतिहास में समय-समय पर काफ़ी महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ परिवरà¥à¤¤à¤¨ हà¥à¤ हैं। भले ही भारत पर यूनानियों का हमला रहा हो या मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ का या फिर अनà¥à¤¯ जातियों का, अनेकों विदेशी यातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने यहाठकी धरती पर अपना पाà¤à¤µ रखा है। इनमें से अधिकांश यातà¥à¤°à¥€ आकà¥à¤°à¤®à¤£à¤•ारी सेना के साथ भारत में आये। इन विदेशी यातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के विवरण से भारतीय इतिहास की अमूलà¥à¤¯ जानकारी हमें पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होती है। मà¥à¤—लों का काल इतिहास लेखन की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से बहà¥à¤¤ ही समृदà¥à¤§ काल रहा है। इसमें विदेशी यातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का बाहà¥à¤²à¥à¤¯ रहा है। जहाà¤à¤—ीर व शाहजहाठके काल में अनेक विदेशी यातà¥à¤°à¥€ भारत आये जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मà¥à¥šà¤² काल व ततà¥à¤•ालीन भारत के बारे में अमूलà¥à¤¯ à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• सूचनाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की है। मेरे इस रिसरà¥à¤š पेपर का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ है कि उन à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• योगदानों को यहाठपà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करना।


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