ऋगà¥à¤µà¥ˆà¤¦à¤¿à¤• और उतà¥à¤¤à¤°à¤µà¥ˆà¤¦à¤¿à¤• कालीन समाज में सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का à¤à¤• तà¥à¤²à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨
Abstract
ऋगà¥à¤µà¥ˆà¤¦à¤¿à¤• और उतà¥à¤¤à¤° वैदिक काल में सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में अंतर बड़ा है, जहाठऋगà¥à¤µà¥ˆà¤¦à¤¿à¤• काल में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ समाज में समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ था वहीठउतà¥à¤¤à¤°à¤µà¥ˆà¤¦à¤¿à¤• काल में उनकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में गिरावट दरà¥à¤œ की गयी है। ऋगà¥à¤µà¥ˆà¤¦à¤¿à¤• काल का जीवन अपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° और सà¥à¤µà¤›à¤‚द था। सामाजिक गतिविधियों में उनके किसी à¤à¥€ सहà¤à¤¾à¤—िता पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध नहीं था। वैदिक काल में सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ जितनी सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° थी , परवरà¥à¤¤à¥€ काल में शायद वे किसी à¤à¥€ यà¥à¤— में नहीं थी। उतà¥à¤¤à¤°à¤µà¥ˆà¤¦à¤¿à¤• काल की सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में परिवरà¥à¤¤à¤¨ आया और उनकी दशा में अवनति के ततà¥à¤µ दिखाई देने लगे। उनके सामाजिक और धारà¥à¤®à¤¿à¤• अधिकार तो बने रहे लेकिन उनके वैयकà¥à¤¤à¤¿à¤• गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ संदेह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किया जाने लगा। पà¥à¤°à¥à¤· पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ समाज के कारण सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ दयनीय हो गयी।  इस शोधपतà¥à¤° के मेरा पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ है सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में कà¥à¤°à¤®à¤¿à¤• हà¥à¤°à¤¾à¤¸ के कारणों और उनके चरणों की पड़ताल करना।
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