वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ और अतीत के परिदृशà¥à¤¯ में भारत और रूस के बदलते रिशà¥à¤¤à¥‡ सामरिक, आरà¥à¤¥à¤¿à¤• राजनयिक सहयोगिता के संदरà¥à¤­ में

मु0 जाबेद

Abstract


किसी भी देश की विदेश नीति इतिहास से गहरा संबंध रखती है। भारत की विदेश नीति भी इतिहास और सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ आंदोलन से संबंधित है। à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• विरासत के रूप में भारत की विदेश नीति उन अनेक तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को समेटे हà¥à¤ है, जो कभी सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ आंदोलन से उपजे थे। शांतिपूरà¥à¤£ सहः असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ व विशà¥à¤µ शांति का विचार वरà¥à¤·à¥‹ पूरà¥à¤µ उन पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ चिंतन का परिणाम है, जिसे बà¥à¤¦à¥à¤§, महावीर और गाà¤à¤§à¥€ जैसे विचारकों ने पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया था। इसी तरह भारत की विदेश नीति में उपनिवेशवाद, समà¥à¤°à¤¾à¤œà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ व रंगभेद की नीति का विरोध महान राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ आंदोलन की उपज है।


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