उतà¥à¤¤à¤°-मधà¥à¤¯à¤•ालीन हिंदी साहितà¥à¤¯ का पà¥à¤¨à¤°à¤¾à¤µà¤²à¥‹à¤•न à¤à¤µà¤‚ कवयितà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की सहभागिता

कपिल कुमार गौतम

Abstract


हिंदी साहितà¥à¤¯à¥‡à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸ की वृहद परमà¥à¤ªà¤°à¤¾ में मधà¥à¤¯à¤•ालीन साहितà¥à¤¯ का विशिषà¥à¤Ÿ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ है | पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿à¤—त विभेदों के आधार पर आचारà¥à¤¯ ‘रामचनà¥à¤¦à¥à¤° शà¥à¤•à¥à¤²â€™ ने मधà¥à¤¯à¤¯à¥à¤—ीन हिंदी साहितà¥à¤¯ को सामानà¥à¤¯à¤¤: दो कालखंडों में विभाजित किया है- पूरà¥à¤µ-मधà¥à¤¯à¤•ाल अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ ‘भकà¥à¤¤à¤¿à¤•ाल’ और उतà¥à¤¤à¤°-मधà¥à¤¯à¤•ाल अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ ‘रीतिकाल’ | भकà¥à¤¤à¤¿ के विपà¥à¤² पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ के कारण संभवत: सभी साहितà¥à¤¯à¥‡à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤•ारों ने पूरà¥à¤µ-मधà¥à¤¯à¤•ाल को ‘भकà¥à¤¤à¤¿à¤•ाल’ कहा है | दूसरी ओर रीतिनिरूपण के आधिकà¥à¤¯ के कारण उतà¥à¤¤à¤°-मधà¥à¤¯à¤•ालीन साहितà¥à¤¯ को ‘रीतिकाल’ के नाम से अभिहित किया जाता है | मिशà¥à¤° बंधà¥à¤“ं ने ‘उतà¥à¤¤à¤°-मधà¥à¤¯à¤•ाल’ को ‘अलंकृत काल’, रामकà¥à¤®à¤¾à¤° वरà¥à¤®à¤¾ ने ‘कला काल’, तà¥à¤°à¤¿à¤²à¥‹à¤šà¤¨ ने ‘अनà¥à¤§à¤•ार काल’, गणपतिचनà¥à¤¦à¥à¤° गà¥à¤ªà¥à¤¤ ने ‘शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ मà¥à¤•à¥à¤¤à¤• कावà¥à¤¯ परमà¥à¤ªà¤°à¤¾â€™, रमाशंकर शà¥à¤•à¥à¤² ‘रसाल’ ने ‘कावà¥à¤¯ कला काल’ और विशà¥à¤µà¤¨à¤¾à¤¥ पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ मिशà¥à¤° ने ‘शà¥à¤°à¥ƒà¤‚गार काल’ कहा है | 

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