सामाजिक उतà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में संसà¥à¤•ृत का योगदान

दिनेश कुमार

Abstract


जà¥à¤¯à¥‹à¤‚-जà¥à¤¯à¥‹à¤‚ à¤à¤¹à¤¿à¤• सà¥à¤–ोनà¥à¤®à¥à¤– होता जा रहा है, आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤—ति के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर भौतिक पà¥à¤°à¤—ति की ओर अगà¥à¤°à¤¸à¤° होता जा रहा है, तà¥à¤¯à¥‹à¤‚-तà¥à¤¯à¥‹à¤‚ उसमें सà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥à¤ªà¤°à¤¾à¤¯à¤£à¤¤à¤¾, धनलोलà¥à¤ªà¤¤à¤¾, करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¿à¤®à¥à¤–ता आदि की वृदà¥à¤§à¤¿ होती जा रही है। उचà¥à¤š नैतिक आदरà¥à¤¶à¥‹à¤‚ से विहीन हो रहे मानव-समाज में कई विकृतियाठआ गयी है, जो विकट समसà¥à¤¯à¤¾ का रूप धरण कर गयी हैं। आज आतंकवाद, परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£-पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण, राजनैतिक असà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤°à¤¤à¤¾, धरà¥à¤®à¤¿à¤• विदà¥à¤µà¥‡à¤·, सामाजिक विषमता, राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¦à¥‹à¤¹, कà¥à¤·à¥€à¤£ हो रहे पारिवारिक रिशà¥à¤¤à¥‡, जनसंखà¥à¤¯à¤¾à¤µà¥ƒà¤¦à¥à¤§à¤¿ आदि कà¥à¤› समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤ हमारे समकà¥à¤· हैं। संसà¥à¤•ृत-साहितà¥à¤¯ भारतीय मनीषियों के यà¥à¤—ीन चिनà¥à¤¤à¤¨ और बोधॠका परिणाम है। इसमें वह जà¥à¤žà¤¾à¤¨ निहित है, जो अजर-अमर होने के साथ-साथ यà¥à¤—बोधà¥à¤• भी है। समसामयिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का उपचार कà¥à¤¯à¤¾ है, किसी समसà¥à¤¯à¤¾ विशेष में हमने कैसी जीवनशैली अपनायी है, इसका सामाधन कà¥à¤¯à¤¾ है, किस पà¥à¤°à¤•ार की जीवनपदà¥à¤§à¤¤à¤¿ शà¥à¤°à¥‡à¤¯à¤¸à¥à¤•र है, इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ के लिठहमें संसà¥à¤•ृत की शरण में जाना होगा। कà¥à¤› à¤à¤• वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ में संसà¥à¤•ृत साहितà¥à¤¯ का दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण इस पà¥à¤°à¤•ार है -


Full Text:

PDF




Copyright (c) 2018 Edupedia Publications Pvt Ltd

Creative Commons License
This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-ShareAlike 4.0 International License.

 

All published Articles are Open Access at  https://journals.pen2print.org/index.php/ijr/ 


Paper submission: ijr@pen2print.org