भारत में घरेलू हिंसा अधिनियम -2005

Ms. Sumitra

Abstract


वसà¥à¤¤à¥à¤¤à¤ƒ भारत में महिलाओं के विरूदà¥à¤§ हिंसा à¤à¤• आम बात है। इसमें बलातà¥à¤•ार, दहेज हतà¥à¤¯à¤¾, लजà¥à¤œà¤¾ भंग, यौन-उतà¥à¤ªà¥€à¥œà¤¨, घरेलू हिंसा à¤à¤µà¤‚ कà¥à¤°à¥‚रता शामिल है। भारत में पारिवारिक à¤à¤µà¤‚ घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं के संवैधानिक व कानूनी अधिकारों की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठघरेलू हिंसा अधिनियम 2005 बनाया गया जो 26 अकà¥à¤¤à¥‚बर 2006 से पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤µà¥€ हà¥à¤†à¥¤ इस अधिनियम के तहत घरेलू हिंसा की शिकार महिला सà¥à¤µà¤¯à¤‚ या किसी सेवा-पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से अपनी शिकायत दरà¥à¤œ करवा सकती हैं। चूंकि महिलाओं के विरूदà¥à¤§ होने वाली हिसा की पà¥à¤°à¤•ृति भी बदल रही है, अतः समय-समय पर घरेलू हिंसा अधिनियम को पà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‚गिक बनाने के विचार भी उभरते रहे हैं। यà¥à¤µà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹ पर बॠरहे तेजाबी हमले के कारण सरकार को नई दिशा निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ तक जारी करने पड़े हैं। पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ शोध पतà¥à¤° में घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया गया है।


Full Text:

PDF




Copyright (c) 2018 Edupedia Publications Pvt Ltd

Creative Commons License
This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-ShareAlike 4.0 International License.

 

All published Articles are Open Access at  https://journals.pen2print.org/index.php/ijr/ 


Paper submission: ijr@pen2print.org