भारतीय संघवाद की मà¥à¤–à¥à¤¯ उभरती हà¥à¤ˆ पà¥à¤°à¤µà¥ƒÅ¸à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ का विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£

अशोक कुमार

Abstract


ः भारतीय संविधान के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° भारत में संघीय शासन-पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ लागू की गई है, किनà¥à¤¤à¥ संविधान में ‘संघ‘ शबà¥à¤¦ का आलà¥à¤²à¥‡à¤– कहीं नहीं किया गया है। संविधान के पà¥à¤°à¤¥à¤® अनà¥à¤šà¥à¤›à¥‡à¤¦ में भारत को ‘राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का संघ‘ कहा गया है। ‘संघ‘ शबà¥à¤¦ के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर ‘राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के संघ‘ शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— का कारण बताते हà¥à¤ डॉ. बी. आर. अमà¥à¤¬à¥‡à¤¡à¤•र ने संविधान सभा में कहा था, ‘‘मसौदा समिति के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इस शबà¥à¤¦ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— यह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ करने के लिठकिया गया है कि यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ भारत à¤à¤• संघातà¥à¤®à¤• राजà¥à¤¯ है, किनà¥à¤¤à¥ यह संघातà¥à¤®à¤• राजà¥à¤¯ किसी भी पà¥à¤°à¤•ार से राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के पारसà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤• समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ का परिणाम न होने के कारण किसी भी राजà¥à¤¯ को संघ से अलग होने का अधिकार नही है।‘‘ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ है कि देश और जनता को शासन की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ के लिठविभिनà¥à¤¨ राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में बाà¤à¤Ÿà¤¾ गया है, किनà¥à¤¤à¥ देश अखणà¥à¤¡ तथा à¤à¤• पूरà¥à¤£ इकाई है।

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