भारत में नारीवाद के विकास का चरण : समाजिक व à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• परिपà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤·à¥à¤¯

अमित कुमार सिंह, मनीषा धवन

Abstract


नारीवाद के बारे में सभी ने सà¥à¤¨à¤¾ होगा। मगर यह है कà¥à¤¯à¤¾? इसके दरà¥à¤¶à¤¨ और सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त के बारे में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोगों को नहीं मालूम। इसे पूरी तरह जाने और समà¤à¥‡ बिना नारीवाद पर कोई भी बहस या विमरà¥à¤¶ बेमानी है। नव उदारवाद के बाद भारतीय समाज में महिलाओं के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ आठबदलाव के बाद इन सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तों को जानना अब और भी जरूरी हो गया है। मेरे इस शोध में मैंने नारीवाद के विकास के विभिनà¥à¤¨ à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• चरणों तथा उनके भविषà¥à¤¯à¤—त पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ व विकास के चरणों पर अनà¥à¤¸à¤‚धान करते हà¥à¤ उसके आगामी सà¥à¤µà¤°à¥‚प की समीकà¥à¤·à¤¾ की है।


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